हाइलाइट्स:
- 2 जून को लॉन्च हुआ सीबीएसई का ‘पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल’ था हैकर्स के रडार पर।
- देश-विदेश के IP एड्रेस से की गई बमबारी, सर्वर क्रैश और डेटा चोरी का था इरादा।
- दिल्ली पुलिस की स्पेशल साइबर यूनिट (IFSO) ने दर्ज की FIR, जांच शुरू।
- IIT कानपुर-मद्रास और CERT-In ने मिलकर फेल किया अटैक, छात्रों का डेटा 100% सुरक्षित।
सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट और री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) की गहमागहमी के बीच एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर खबर सामने आई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के ‘पोस्ट-रिजल्ट सर्विसेज पोर्टल’ पर एक बहुत बड़ा और कोऑर्डिनेटेड (समन्वित) साइबर हमला किया गया है। इस हाई-प्रोफाइल डिजिटल हमले के बाद दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई बोर्ड की आधिकारिक शिकायत के बाद की गई है।
हैकर्स के नापाक मंसूबे हुए फेल, डेटा पूरी तरह सुरक्षित
राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि इतना बड़ा हमला होने के बावजूद हैकर्स अपने नापाक मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। शुरुआती जांच और सीबीएसई द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, बोर्ड का मुख्य डेटाबेस और सिस्टम पूरी तरह से सुरक्षित है। किसी भी तरह के डेटा लीक या डेटा ब्रीच (Data Breach) के कोई संकेत नहीं मिले हैं।
फिलहाल, दिल्ली पुलिस की स्पेशल साइबर यूनिट IFSO (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस) इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस हमले के पीछे किन अंतरराष्ट्रीय या लोकल हैकर्स का हाथ था और उनका असली मकसद क्या था।
2 जून को लॉन्च हुए पोर्टल को ठप करने की थी साजिश
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला सीबीएसई के उस पोर्टल से जुड़ा है जिसे हाल ही में 2 जून 2026 को लॉन्च किया गया था। इस पोर्टल का इस्तेमाल 12वीं बोर्ड परीक्षा के छात्र अपनी आंसर शीट के वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन जैसी जरूरी सेवाओं के लिए कर रहे हैं।
पिछले 3 दिनों के भीतर इस पोर्टल पर भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों के भी कई अलग-अलग IP एड्रेस से लगातार डिजिटल बमबारी की गई। हमलावरों का मुख्य उद्देश्य:
- पोर्टल के सर्वर को क्रैश करना।
- छात्रों को वेबसाइट एक्सेस करने से रोकना।
- छात्रों के संवेदनशील डेटा को चोरी करना।
देश की दिग्गज एजेंसियों ने मिलकर तैयार किया ‘डिजिटल किला’
जब हैकर्स पोर्टल को निशाना बना रहे थे, तब सीबीएसई का सुरक्षा तंत्र और देश की दिग्गज तकनीकी एजेंसियां अलर्ट मोड पर थीं। इस बड़े साइबर हमले को नाकाम करने के लिए भारत की सबसे प्रतिष्ठित संस्थाओं ने मिलकर एक अभेद्य डिजिटल किला तैयार किया:
- IIT के एक्सपर्ट्स की मदद: इस सुरक्षा अभियान में IIT कानपुर और IIT मद्रास के टॉप साइबर एक्सपर्ट्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और हैकर्स के लूपहोल्स को बंद किया।
- केंद्रीय संगठनों का कड़ा पहरा: डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (DIC), इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) और देश की नोडल साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने मिलकर इस पोर्टल की 24×7 मॉनिटरिंग की। इसी त्वरित कार्रवाई (Immediate Action) का नतीजा था कि हैकर्स के हर वार को सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया।
छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं: CBSE
सीबीएसई बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाते हुए साफ कहा है कि किसी को भी घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। छात्रों का पूरा डेटा लॉक और पूरी तरह सुरक्षित है। री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
हालांकि, बोर्ड ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया है। सीबीएसई ने दिल्ली पुलिस की IFSO विंग से मांग की है कि इस साइबर साजिश के पीछे जो भी चेहरे हैं, उन्हें जल्द से जल्द बेनकाब किया जाए और उनके खिलाफ देश के सख्त कानूनों के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।