ग्रेनो वेस्ट की सोसाइटी में बड़ा हादसा: टावर से गिरा प्लास्टर, निवासी की मौत

घटना: घटिया निर्माण के चलते टावर से प्लास्टर गिरने से एक निवासी की मौत।

स्थान: अरिहंत अंबर सोसाइटी, ग्रेटर नोएडा वेस्ट (थाना बिसरख क्षेत्र)।

मृतक की पहचान: विकास चावला (फ्लैट नंबर 1560, टावर-बी)।

प्रशासनिक कार्रवाई: पुलिस तहरीर का इंतजार कर रही है, बिल्डर पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन।

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट (ग्रेनो वेस्ट) से एक बेहद दर्दनाक और आक्रोशित कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ स्थित अरिहंत अंबर सोसाइटी में बिल्डर की बड़ी लापरवाही और घटिया निर्माण के कारण एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी। सोसाइटी की एक इमारत से प्लास्टर का एक भारी-भरकम हिस्सा अचानक टूटकर नीचे खड़े एक निवासी के सिर पर जा गिरा।

इस हादसे में पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें आनन-फानन में नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान विकास चावला के रूप में हुई है, जो टावर-बी के फ्लैट नंबर 1560 में रहते थे। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और सोसाइटी के सैकड़ों निवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

गाढ़ी कमाई से खरीदे घर बने ‘काल’

सोसाइटी के निवासियों का रो-रोकर बुरा हाल है। लोगों का कहना है कि जिस घर को खरीदने के लिए उन्होंने अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई लगा दी, आज वही इमारतें उनकी जान के लिए काल बन रही हैं। निवासियों ने निर्माण की घटिया गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए बिल्डर के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

2019 में मिला था पजेशन, 2023 में RERA तक पहुंचा था मामला

अरिहंत अंबर सोसाइटी में कुल चार टावर हैं, जिनमें लगभग 628 फ्लैट बने हुए हैं।

  • साल 2019: बिल्डर द्वारा निवासियों को फ्लैट्स का कब्जा (पजेशन) दिया गया था। कब्जा मिलने के बाद से ही निवासी खराब निर्माण और मेंटेनेंस को लेकर लगातार शिकायत कर रहे थे।
  • साल 2023: अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) ने सोसाइटी का हैंडओवर लेने के बाद बिल्डर के खिलाफ रेरा (RERA) का दरवाजा खटखटाया था।
  • अधूरा काम: रेरा की दखल के बाद बिल्डर ने मरम्मत का काम शुरू तो किया, लेकिन निवासियों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से यह काम पूरी तरह बंद पड़ा हुआ था।

ग्रेनो वेस्ट और नोएडा की पुरानी घटनाएं (फ्लैशबैक)

ग्रेटर नोएडा वेस्ट और नोएडा के हाईराइज सोसायटियों में घटिया निर्माण और प्लास्टर गिरने से मौत या घायल होने का यह पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में ऐसी कई डराने वाली घटनाएं सामने आ चुकी हैं:

  • गार्डन गैलेरिया मॉल हादसा: नोएडा के इस नामी मॉल में भी छत का हिस्सा/प्लास्टर गिरने से हड़कंप मच चुका है।
  • लॉजिक्स ब्लॉसम काउंटी (सेक्टर-137): इस सोसाइटी में लिफ्ट के अचानक गिरने (फ्री-फॉल) से एक बुजुर्ग महिला की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी, जिसने हाईराइज सोसायटियों के मेंटेनेंस पर बड़े सवाल खड़े किए थे।
  • ग्रेनो वेस्ट की अन्य सोसायटियां: ला रेजिशिया, सुपरटेक इकोविलेज और हिमालया प्राइड जैसी सोसायटियों से भी लगातार बालकनी और सीलिंग का प्लास्टर गिरने की खबरें आती रही हैं, जहां कई लोग बाल-बाल बचे हैं।

निवासियों का कहना है: “अगर प्रशासन और बिल्डर ने इन पुरानी घटनाओं से सबक लिया होता और समय रहते अरिहंत अंबर सोसाइटी में मरम्मत कार्य पूरा कराया होता, तो आज विकास चावला हमारे बीच होते।”

क्या कह रही है पुलिस और प्रशासन?

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है। पूरे मामले को लेकर थाना बिसरख के प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया:

  1. पुलिस घटना की हर एंगल से बारीकी से जांच कर रही है।
  2. मृतक के परिजनों से लगातार बातचीत की जा रही है।
  3. परिजनों की तरफ से जैसे ही लिखित शिकायत (तहरीर) मिलती है, बिल्डर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, पूरी सोसाइटी के लोग डरे हुए और बेहद नाराज हैं। निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरी सोसाइटी के निर्माण की एक स्वतंत्र तकनीकी जांच (Structural Audit) कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसे किसी अन्य हादसे को रोका जा सके।

Scroll to Top