पटना का मुसल्लहपुर इलाका इस वक्त बिहार की शिक्षा का केंद्र कम, और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ का सेट ज्यादा लग रहा है। ज्ञानबिंदु कोचिंग के टीचर रोशन आनंद सलाखों के पीछे हैं, तो देश के सबसे चहेते टीचर्स में से एक ‘खान सर’ पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। 6 दिन बीत जाने के बाद भी यह विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है।
आखिर इस महायुद्ध के पीछे की असली कहानी क्या है? क्या यह सिर्फ दो शिक्षकों की आपसी रंजिश है या इसके पीछे करोड़ों रुपये का कोचिंग मार्केट है? आइए, सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं इस पूरे विवाद की इनसाइड स्टोरी।
1. पहला ट्रिगर: 10 लाख रुपये में टॉपर ‘खरीदने’ का आरोप
इस साल फरवरी में फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (24 पद) के परिणाम आए। रिजल्ट आते ही ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ और ‘ज्ञानबिंदु जीएस एकेडमी’ दोनों ने टॉपर अभिषेक कुमार (अभिषेक पटेल) को अपना स्टूडेंट बता दिया।
खान सर का दावा: हमारे यहां से 24 में से 18 छात्र पास हुए।
- रोशन आनंद का पलटवार: रोशन आनंद ने अभिषेक के साथ अपनी पुरानी व्हाट्सएप चैट पब्लिक कर दी और खान सर पर 10 लाख रुपये देकर टॉपर खरीदने का सनसनीखेज आरोप लगा दिया।
- हालांकि, टॉपर अभिषेक ने इन आरोपों को गलत बताया, लेकिन चिंगारी सुलग चुकी थी। बिहार में दारोगा और पुलिस भर्ती के हर रिजल्ट के बाद ऐसी जंग आम है।
2.किसान कोल्ड स्टोरेज कैंपस पर ‘एकाधिकार’ की जंग
इस विवाद की सबसे बड़ी जड़ है—मुसल्लहपुर का किसान कोल्ड स्टोरेज कैंपस। यह इलाका पटना का सबसे बड़ा कोचिंग हब है।
- 2018-19 तक इस कैंपस में करीब 20 छोटी-बड़ी कोचिंग थीं। कोविड के बाद जब कई कोचिंग बंद हुईं, तो खान सर ने अपनी लोकप्रियता के दम पर उन बंद पड़े हॉल्स और ऑफिसों को किराए पर ले लिया।
- आज इस कैंपस में महज 6 कोचिंग बची हैं, और ज्यादातर हिस्से पर खान ग्लोबल स्टडीज का कब्जा है।
- ज्ञानबिंदु कोचिंग के स्टाफ का आरोप है कि खान सर मकान मालिक के साथ मिलकर इस पूरे ऐतिहासिक कैंपस पर एकाधिकार (Monopoly) जमाना चाहते हैं, जो ज्ञानबिंदु को मंजूर नहीं है।
3.हॉस्टल्स की ‘पॉवर पॉलिटिक्स’ और बमबाजी
पटना के कोचिंग मार्केट में छात्र हॉस्टल्स (जैसे- सैदपुर हॉस्टल, पटेल हॉस्टल, मिंटो और जैक्सन हॉस्टल) का भारी दबदबा है।
- चंदे का खेल: सरस्वती पूजा और अन्य आयोजनों में जो कोचिंग इन हॉस्टल्स को जितना ज्यादा चंदा देती है, हॉस्टल के लड़के उस कोचिंग के ‘रक्षक’ बन जाते हैं।
- रोशन आनंद का आरोप: खान सर ‘पटेल हॉस्टल’ के लड़कों का इस्तेमाल कर उनके खिलाफ साजिश रचते हैं। 2023 में ज्ञानबिंदु कोचिंग पर हुए हमले में खान सर के ऑफिस से हॉकी स्टिक और लाठी-डंडे बांटे गए थे।
- खान सर का आरोप: दूसरी तरफ, खान सर ने मार्च 2021 में रोशन आनंद और उनके भाई प्रिंस पर क्लासरूम में घुसकर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई थी। दोनों एक-दूसरे पर बमबारी कराने के आरोप भी लगा चुके हैं।
4.’रील’ बनाम ‘रियल’ और ‘मजदूर’ वाला तंज
दोनों ही शिक्षक क्लासरूम के भीतर एक-दूसरे पर बेहद स्तरहीन टिप्पणियां करते रहे हैं:
| शिक्षक | विरोधी के लिए क्या कहा? | संदर्भ |
| रोशन आनंद | “रील वाले टीचर को छोड़ो, रियल से जुड़ो।” | खान सर के कपिल शर्मा शो में जाने के बाद उन्हें ‘पीआर (PR) वाला रील टीचर’ कहा। |
| खान सर | “फैक्ट्री में जाओगे तो मजदूर बनोगे, सोच लो मजदूर बनना है या अधिकारी।” | ज्ञानबिंदु कोचिंग को पटना में ‘दारोगा फैक्ट्री’ कहा जाता है, खान सर का यह तंज उसी पर था। |
5.ऑनलाइन बनाम ऑफलाइन मार्केट का वर्चस्व
यह पूरी लड़ाई असल में पटना के अरबों रुपये के कोचिंग मार्केट पर राज करने की है। स्थानीय छात्रों के मुताबिक:
“ऑनलाइन कोचिंग में खान ग्लोबल स्टडीज का एकछत्र राज है, तो पटना के ऑफलाइन मार्केट में ज्ञानबिंदु के पास खान सर से भी ज्यादा छात्र हैं।”
दोनों ही टीचर एक-दूसरे के मजबूत गढ़ (Segment) में सेंध लगाना चाहते हैं। यही वजह है कि दोनों के स्टाफ के बीच हर 3-4 महीने में झड़प होती रहती है। कभी गाड़ी पर ईंट गिरने को लेकर, तो कभी पोस्टर फाड़ने को लेकर।
हालिया विवाद भले ही पोस्टर हटाने जैसी मामूली बात से शुरू हुआ हो, लेकिन इसके पीछे की क्रोनोलॉजी सालों पुरानी है। खून-खराबा, 8-8 टांके आना, बम चलना और जेल तक बात पहुंच जाना—यह साफ करता है कि यह लड़ाई शिक्षा की नहीं, बल्कि पूरे कोचिंग मार्केट पर ‘सुप्रीम कमांडर’ बनने की है।

