बुजुर्गों के लिए सीएम योगी का बड़ा ऐलान, मिलेगी मासिक पेंशन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने सोमवार को विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम एक पाती (पत्र) लिखी। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों का सम्मान केवल एक संस्कार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और हमारी गौरवशाली सभ्यता की पहचान है। उन्होंने चिंता जताई कि आज परिवारों में दूरियां बढ़ रही हैं और वृद्धाश्रमों की संख्या भी बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा कि आज के समय में कई घर सूने होते जा रहे हैं और वृद्धाश्रम बढ़ रहे हैं। यह स्थिति समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा है कि हमें यह सोचने की जरूरत है कि आखिर ऐसी परिस्थितियां क्यों पैदा हो रही है। अपने बच्चों का बेहतर भविष्य बनाने के लिए जीवनभर मेहनत करने वाले माता-पिता अक्सर उम्र के अंतिम पड़ाव में अकेले पड़ जाते हैं। आज की जीवनशैली में युवा रोजगार के लिए घर से दूर रहते हैं और चाहकर भी अपने वृद्ध माता-पिता की सेवा नहीं कर पाते। ऐसे समय में बुजुर्गों को सबसे ज्यादा अपनेपन और साथ की जरूरत होती है। दुर्भाग्य से कई बार उन्हें अपने ही लोगों की दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है।

सीएम ने कहा कि देश के सर्वोच्च न्यायालय को भी अपने आदेशों में लोगों को उन मूल्यों और जिम्मेदारियों की याद दिलानी पड़ रही है, जो सनातन संस्कृति का मूल भाव हैं।

सीएम योगी ने कहा कि सनातन संस्कृति में माता-पिता और गुरु को साक्षात ईश्वर माना गया है। सीएम ने भगवान शिव, माता पार्वती और उनके पुत्र भगवान गणेश की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भगवान गणेश ने माता-पिता को ही संपूर्ण सृष्टि मानकर उनकी परिक्रमा की, तब उन्होंने यह संदेश दिया कि माता-पिता के चरणों में ही सभी लोक और तीर्थों का वास है। इसी बुद्धि, श्रद्धा और संस्कार ने उन्हें प्रथम पूज्य होने का गौरव दिलाया।

सीएम ने श्रवण कुमार की कथा का भी उल्लेख किया और कहा कि भगवान श्रीराम ने भी माता-पिता का मान रखने के लिए 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन केवल धार्मिक रीति-रिवाजों का नाम नहीं है, बल्कि सामाजिक परंपराओं, पारिवारिक संबंधों और जीवन मूल्यों पर आधारित जीवनशैली है। बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेने की परंपरा इसलिए है क्योंकि वे हमारे अनुभव, संस्कृति और जीवन मूल्यों के सबसे बड़े धरोहर हैं। वृद्धजनों का सम्मान हमारी सभ्यता की पहचान है.

1500 रुपये मासिक पेंशन का फैसला
सीएम योगी ने कहा कि वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं का सम्मानपूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार ने उन्हें 1500 रुपये प्रति माह पेंशन देने का निर्णय लिया है.

सीएम ने बताया कि निराश्रित महिलाओं को ‘आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ और ‘मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना’ से भी जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें और वे गरिमापूर्ण जीवन जी सकें. इसके अलावा उन्हें ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ और ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ का लाभ भी दिया जाएगा.

योग अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने सभी वृद्धजनों से आग्रह किया कि उन्होंने परिवार, समाज और देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया है, इसलिए अब अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें और योग को जीवन का हिस्सा बनाएं.

उन्होंने कहा कि इस वर्ष 21 जून को मनाए जाने वाले ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ की थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ रखी गई है. यह केवल एक थीम नहीं, बल्कि दुनिया भर में वृद्धजनों के सम्मान, बेहतर स्वास्थ्य और गरिमापूर्ण जीवन का साझा संकल्प है।

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