कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने जर्मनी दौरे के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है और प्रवर्तन निदेशालय (ED) तथा केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों को राजनीतिक ‘हथियार’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। राहुल गांधी का कहना था कि जो भी सरकार से सवाल पूछता है या विपक्ष में खड़ा होता है, उसके खिलाफ जांच एजेंसियों को लगा दिया जाता है।

राहुल गांधी ने कहा कि भारत में लोकतंत्र की बुनियादी संरचना पर हमला हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को डराने के लिए जांच एजेंसियों का सहारा लिया जा रहा है, ताकि कोई भी सरकार की नीतियों पर खुलकर आलोचना न कर सके। उनके अनुसार, यह स्थिति एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।अपने संबोधन में राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है, जहां अलग-अलग विचारों और मतों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार असहमति की आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रही है और सत्ता को केंद्रीकृत किया जा रहा है। राहुल गांधी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के महत्व पर बात की।
बीजेपी ने राहुल गांधी के इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं और कानून अपना काम कर रहा है। बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी विदेश जाकर भारत की छवि खराब करने की कोशिश करते हैं और राजनीतिक मुद्दों का अंतरराष्ट्रीयकरण कर रहे हैं।
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। उनके जर्मनी दौरे के दौरान दिए गए बयान ने एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाज़ी को हवा दे दी है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज़ होने की संभावना है।








