इतिहास के पन्नों में कुछ ऐसे नाम दर्ज हैं जिन्हें याद कर रूह कांप जाती है। कंबोडिया का क्रूर तानाशाह पोल पॉट उन्हीं में से एक था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस शख्स ने अपने देश की एक-चौथाई आबादी को मौत के घाट उतार दिया, उसकी थाली में क्या परोसा जाता था?
पोल पॉट की क्रूरता सिर्फ उसके फैसलों में ही नहीं, बल्कि उसकी पसंद और आदतों में भी झलकती थी। कंबोडियाई नरसंहार के इस मुख्य सूत्रधार को जंगली जानवरों का मांस और जहरीले सांप बेहद पसंद थे।
द गार्जियन की एक रिपोर्ट में पोल पॉट की रसोइया ने उन राजों से पर्दा उठाया, जो तानाशाह के किचन में दफन थे। रसोइया के मुताबिक, पोल पॉट को ‘कोबरा स्टू’ का चस्का था। उसकी पसंदीदा डिश बनाने का तरीका भी उतना ही खौफनाक था जितना उसका शासन।
सबसे पहले जिंदा कोबरा का सिर काटकर उसे बच्चों की पहुंच से दूर किसी ऊंचे पेड़ पर लटका दिया जाता था, ताकि कड़ी धूप में उसका जहर सूख जाए। सांप का ताजा खून एक प्याले में इकट्ठा किया जाता था। पोल पॉट इस खून को चीनी शराब (Wine) के साथ मिलाकर बड़े चाव से पीता था।
धीमी आंच पर पकता मौत का स्वाद: बचे हुए सांप के मांस को मूंगफली के साथ पीसकर पेस्ट बनाया जाता था। फिर उबलते पानी में लेमनग्रास, कड़वी अंगूर की पत्तियां और पिसी हुई अदरक डालकर इसे एक घंटे तक धीमी आंच पर पकाया जाता था। द इंडिपेंडेंट के मुताबिक पोल पॉट को सिर्फ सांप ही नहीं, बल्कि हिरण का मांस, जंगली सूअर और ब्रांडी का भी गहरा शौक था।
1925 में जन्मे सलोथ सार (जो बाद में पोल पॉट बना) की कहानी एक सामान्य छात्र के रूप में शुरू हुई थी। वह छात्रवृत्ति पर रेडियो टेक्नोलॉजी पढ़ने पेरिस गया, लेकिन वहां वह कम्युनिस्ट विचारधारा के संपर्क में आया। 1975 में जब उसने कंबोडिया की सत्ता संभाली, तो उसने आधुनिकता को पूरी तरह नकार दिया।
पोल पॉट के 1975 से 1979 तक के शासनकाल को इतिहास का सबसे बर्बर दौर माना जाता है। महज 4 साल में करीब 15 से 20 लाख लोग मारे गए। अगर कोई चश्मा पहनता था, तो उसे ‘बुद्धिजीवी’ मानकर मार दिया जाता था। डॉक्टर, शिक्षक और धार्मिक नेताओं को चुन-चुनकर खत्म किया गया। पोल पॉट के राज में पैसा, संपत्ति, गहने, धर्म और यहां तक कि पढ़ने-लिखने पर भी पाबंदी थी।
शहरों को खाली कर दिया गया और लोगों को खेतों में मजदूरी करने के लिए मजबूर किया गया। कंबोडिया के वे खेत, जहां कभी फसलें लहलहाती थीं, ‘किलिंग फील्ड्स’ (सामूहिक कब्रगाहों) में तब्दील हो गए।
आज पोल पॉट भले ही दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी सनक और कोबरा के सूप जैसी उसकी खौफनाक पसंद, उस दौर की गवाही देती है जब कंबोडिया की धरती इंसानी खून से लाल हो गई थी। वह एक ऐसा तानाशाह था जिसने सत्ता की भूख मिटाने के लिए अपने ही देश को कब्रिस्तान बना दिया।














