धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी काशी को स्वच्छ, सुंदर और जाम मुक्त बनाने की दिशा में वाराणसी नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। नगर निगम सदन की बैठक में शहर के भीतर संचालित होने वाली सभी मीट, मांस और मछली की दुकानों को शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित (शिफ्ट) करने की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दे दी गई है। टाउनहॉल में आयोजित सदन की इस बैठक में पार्षदों और अधिकारियों की मौजूदगी में इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगाई गई।
पहले चरण में इन 5 इलाकों में बनेंगे ‘आधुनिक मीट मार्केट’
नगर निगम की योजना के तहत शहर की सीमा के बाहरी इलाकों में सुसज्जित और व्यवस्थित मीट मार्केट विकसित किए जाएंगे। प्रथम चरण के लिए नगर निगम ने पांच प्रमुख क्षेत्रों को चिह्नित किया है:
- रामनगर
- सूजाबाद
- गणेशपुर
- अवलेशपुर
- शिवपुर
इन चिह्नित स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त मीट और मछली बाजार बनाए जाएंगे, जहां शहर के भीतर से हटाई जाने वाली दुकानों को जगह दी जाएगी।
क्यों लिया गया यह फैसला? (नगर निगम का दावा)
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य शहर की व्यवस्थाओं को सुधारना है। इस स्थानांतरण से दो बड़े फायदे होने की उम्मीद जताई गई है:
- स्वच्छता में सुधार: घनी आबादी वाले इलाकों में खुले में मांस-मछली की बिक्री से होने वाली गंदगी और दुर्गंध से मुक्ति मिलेगी। इससे शहर का वातावरण अधिक स्वच्छ और स्वास्थ्यप्रद बनेगा।
- यातायात की समस्या से राहत: वर्तमान में कई बाजारों में मीट-मछली की दुकानों के बाहर खरीदारों की भीड़ के कारण सड़क जाम की गंभीर समस्या बनी रहती है। दुकानों के बाहर शिफ्ट होने से यातायात सुगम होगा।
व्यवस्थित बाजार से कारोबारियों को भी होगा फायदा: नगर निगम का मानना है कि इस योजना से न सिर्फ जनता को राहत मिलेगी, बल्कि मीट कारोबारियों को भी एक ही छत के नीचे आधुनिक सुविधाओं (जैसे पानी, बिजली और वेस्ट डिस्पोजल सिस्टम) से युक्त व्यवस्थित बाजार मिलेगा, जिससे उनका व्यापार अधिक संगठित होगा।
सदन से मंजूरी मिलने के बाद अब नगर निगम प्रशासन चिह्नित जमीनों पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का खाका तैयार कर रहा है। पहले चरण के बाजारों का निर्माण पूरा होते ही शहर के अंदरूनी हिस्सों से दुकानों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और कारोबारियों की सहूलियत का पूरा ध्यान रखा जाएगा।