अचानक आई बाढ़ से तबाही, माँ शाकंभरी देवी यात्रा पर 3 दिन की रोक

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और भारी बारिश का सिलसिला जारी है। बीते दिन सहारनपुर में देर रात आए भीषण आंधी-तूफान और तेज बारिश ने भारी तबाही मचाई। सबसे खराब स्थिति प्रसिद्ध सिद्धपीठ माँ शाकंभरी देवी क्षेत्र में देखने को मिली, जहाँ अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया।

इस प्राकृतिक आपदा में दो श्रद्धालुओं की पानी के तेज बहाव में बहने से मौत हो गई, जबकि श्रद्धालुओं के कई वाहन पानी में बह गए और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। जिला प्रशासन के मुताबिक, पूरे सहारनपुर जिले में इस आंधी-तूफान के कारण कुल तीन से चार लोगों की जान जा चुकी है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यात्रा पर लगी रोक

अचानक आई इस भीषण बाढ़ के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए शाकंभरी देवी की दर्शन यात्रा को अगले कुछ दिनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि अगले 2 से 3 दिनों में दोबारा ऐसी ही स्थिति बन सकती है। इसलिए सभी श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।

प्रशासन की अपील: मंदिर परिसर को पूरी तरह से खाली करा लिया गया है। बाढ़ के कारण हुए नुकसान की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है। श्रद्धालु अभी माँ शाकंभरी देवी क्षेत्र की ओर रुख न करें।

10 किलोमीटर पहले ही रोके जा रहे श्रद्धालु, पुलिस का कड़ा पहरा

सिद्धपीठ माँ शाकंभरी देवी के दर्शन के लिए हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान समेत देश के कोने-कोने से रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुँचते हैं। आपदा के बावजूद श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी बढ़ा दी है।

  • श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर से 10 किलोमीटर पहले ही रोककर वापस भेजा जा रहा है।
  • इसके बावजूद कुछ श्रद्धालु जोखिम उठाने को तैयार हैं, जिन्हें पुलिस बल द्वारा समझाया जा रहा है।
  • अब इस पहाड़ी नदी और संवेदनशील रास्तों पर पुलिस का कड़ा पहरा है।
  • क्षेत्र में अलर्ट अलार्म (Warning Alarms) लगाए गए हैं, ताकि पानी का जलस्तर बढ़ने से पहले ही लोगों को सूचित कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा सके।

अगले 3 दिन बंद रहेंगे कपाट, स्थिति बिगड़ी तो बढ़ेगी अवधि

वर्तमान स्थिति को देखते हुए अगले तीन दिनों तक मंदिर में दर्शन की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जो श्रद्धालु यहाँ रुकने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द वापस लौटने को कहा गया है।

पुलिस प्रशासन के मुताबिक, यदि अगले 2 से 3 दिनों में मौसम और स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो यात्रा पर लगी इस रोक की अवधि को और आगे बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल, देश के अलग-अलग हिस्सों से आ रहे भक्तों को बिना दर्शन किए ही निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।

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