बांग्लादेश की राजनीति में एक ऐतिहासिक पल आया जब 25 दिसंबर 2025 को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक चेयरमैन तारिक रहमान 17 साल के स्व-निर्वासन के बाद लंदन से ढाका लौटे। पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बड़े बेटे तारिक रहमान का स्वदेश आगमन लाखों समर्थकों के जोरदार स्वागत के साथ हुआ। हजरत शाहजालाल अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरते ही उन्होंने जूते उतारकर नंगे पैर बांग्लादेश की मिट्टी को छुआ और एक मुट्ठी मिट्टी हाथ में लेकर मातृभूमि के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। उनके साथ पत्नी जुबैदा रहमान, बेटी जाएमा रहमान और यहां तक कि उनका पालतू बिल्ला ‘जीबू’ भी था।
तारिक रहमान का यह वापसी का सफर लंदन से सिलहट होते हुए ढाका तक का था। विमान के बांग्लादेशी आकाश में प्रवेश करते ही उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “लंबे 6,314 दिनों बाद बांग्लादेश के आकाश में वापस!” हवाईअड्डे से पूर्वाचल के 300 फीट क्षेत्र में आयोजित भव्य स्वागत समारोह तक का रास्ता समर्थकों से खचाखच भरा था। लाखों लोग झंडे, बैनर और फूल लेकर सड़कों पर उतर आए। बीएनपी ने दावा किया कि करीब 50 लाख लोग इस स्वागत में शामिल हुए। सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे, बुलेटप्रूफ बस में सवार तारिक रहमान ने समर्थकों का अभिवादन किया।
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समारोह में अपने पहले भाषण में तारिक रहमान ने भावुक होकर कहा, “प्रिय बांग्लादेश!” उन्होंने सभी धर्मों के लोगों को एकजुट होकर एक सुरक्षित और समावेशी बांग्लादेश बनाने का आह्वान किया। “हम एक ऐसा बांग्लादेश बनाएंगे जो एक मां का सपना होता है – जहां हर व्यक्ति सुरक्षित घर से निकल सके और सुरक्षित लौट सके।” उन्होंने धार्मिक सद्भाव, कानून-व्यवस्था और लोकतंत्र की बहाली पर जोर दिया। भाषण के बाद वे अस्पताल में भर्ती अपनी मां खालिदा जिया से मिलने गए, जो लंबे समय से बीमार हैं।तारिक रहमान का निर्वासन 2008 में शुरू हुआ था, जब सैन्य समर्थित अंतरिम सरकार के दौरान उन पर भ्रष्टाचार और शेख हसीना पर हमले की साजिश जैसे आरोप लगे।
वे राजनीतिक उत्पीड़न का शिकार बताकर लंदन चले गए। वहां से उन्होंने बीएनपी की कमान संभाली और पार्टी को मजबूत बनाए रखा। शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने के बाद अंतरिम सरकार के दौरान सभी मामले से उन्हें बरी कर दिया गया, जिसने उनकी वापसी का रास्ता साफ किया। अब फरवरी 2026 में होने वाले संसदीय चुनावों में तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदार हैं। सर्वेक्षणों में बीएनपी सबसे आगे है। उनकी वापसी को राजनीतिक शून्यता भरने वाला कदम माना जा रहा है। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव ने भी कहा कि यह वापसी सकारात्मक होगी और लोकतांत्रिक संक्रमण को सुगम बनाएगी। हालांकि, देश में हाल की हिंसा और अल्पसंख्यकों पर हमलों के बीच उनकी चुनौतियां बड़ी हैं।तारिक रहमान की वापसी बांग्लादेश की राजनीति में नया अध्याय खोल रही है। क्या वे बीएनपी को सत्ता में लाकर स्थिरता ला पाएंगे? यह समय बताएगा, लेकिन फिलहाल वे लाखों बांग्लादेशियों की उम्मीद का प्रतीक बन चुके हैं।








