पुणे के प्रतिष्ठित शासकीय कृषि महाविद्यालय (CoA) से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एमबीए (एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट) प्रथम वर्ष के एक होनहार छात्र, चैतन्य पुंडलिक चव्हाण की वाटर कूलर से लगे बिजली के झटके के कारण मौत हो गई। बीड जिले के आष्टी का रहने वाला चैतन्य पिछले कई दिनों से अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा था, लेकिन आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।
जानकारी के मुताबिक, चैतन्य मेस में खाना खाने के बाद पानी पीने गया था। उसके दोस्त अक्षय सूर्यवंशी ने बताया कि वाटर कूलर में कुछ तकनीकी समस्या थी। चैतन्य ने जैसे ही पिन सॉकेट में लगाई और पानी के लिए नल को छुआ, उसे जोरदार करंट लगा।
मेस के नियमों के मुताबिक, अंदर चप्पल पहनना मना है, इसलिए चैतन्य नंगे पैर था। जमीन गीली होने और नंगे पैर होने के कारण करंट का प्रवाह इतना तेज था कि चैतन्य वहीं चिपक गया। मदद के लिए दौड़े छात्रों के सामने ही वह बेसुध होकर गिर पड़ा।
घटना के तुरंत बाद चैतन्य को पुणे के जहांगीर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, बिजली के झटके से उसके मस्तिष्क को ऑक्सीजन मिलना बंद हो गई थी (Hypoxic Brain Insult), जिससे दिमाग को गंभीर क्षति पहुंची। कई दिनों तक वेंटिलेटर और विशेषज्ञों की निगरानी में रहने के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका।
इस घटना ने कॉलेज प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। छात्रों में भारी आक्रोश है और वे सवाल पूछ रहे हैं कि क्या बिजली के उपकरणों की नियमित जांच नहीं होती थी?
हादसे के बाद महात्मा फुले कृषि विश्वविद्यालय (राहुरी) के कुलसचिव राजेंद्रकुमार पाटिल ने आनन-फानन में सभी कृषि महाविद्यालयों में इलेक्ट्रिकल, फायर और स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
दूसरी ओर, शिवाजीनगर पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु (ADR) का मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि वाटर कूलर में अर्थिंग की समस्या थी या कोई अन्य तकनीकी खराबी, और इस लापरवाही के लिए असल जिम्मेदार कौन है।















